प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार को पूरे दिन देश थम गया। कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में हर इंसान ने अपनी भूमिका निभाई। जैसे ही शाम के 5 बजे पूरे देश में एक तस्वीर सामने आई। तस्वीर हौसले की थी, तस्वीर संकल्प की थी कि कोरोना को हराकर ही मानेंगे। 5 बजे 5 मिनट तक लगभग पूरे देश ने थाली, शंख, तालियां बजाईं। देश उन डॉक्टरों-नर्सों और आपातकालीन सेवाओं में लगे स्टाफ का आभार जताया, जो कोरोना खिलाफ लड़ाई में अपनी जान की भी परवाह नहीं कर रहे हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर समेत कई मंत्रियों और नेताओं ने भी अपने आवास पर थाली और शंख बजाए। देशभर से इसी तरह की तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों का आभार जताया और उन्होंने ट्वीट कर कहा- देशवासियों का बहुत-बहुत आभार। उन्होंने कहा कि यह विजय की शुरुआत का नाद है। इसके कुछ ही देर बाद मोदी ने एक और ट्वीट किया और कहा कि 9 बजे जनता कर्फ्यू खत्म हो रहा है। लेकिन, यह लंबी लड़ाई की शुरुआत है।
जनता कर्फ्यू के दौरान श्रीनगर और बेंगलुरु जैसे शहरों में हालात वैसे ही देखे गए, जैसे कर्फ्यू लगने पर होते हैं। कश्मीर में हिंसक घटनाओं का इतिहास होने की वजह से बंदिशें लगाने का फैसला किया गया है। वहीं, बेंगलुरु पुलिस ने बेवजह घर से बाहर निकलने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने कहा है कि हम किसी तरह की सख्ती नहीं बरतेंगे, न ही कोई जुर्माना लगाएंगे।
कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने कहा कि जनता कर्फ्यू की अपील की गई है, लेकिन कश्मीर में लोगों की आवाजाही और एक जगह जरूरत से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदियां लगेंगी। इन पाबंदियों को सख्ती से अमल में लाने के लिए एक्स्ट्रा पुलिस फोर्स की तैनाती होगी। हम लोगों से सहयोग की अपील कर रहे हैं। कुमार ने कहा- इसे भले ही जनता कर्फ्यू नाम दिया गया है, लेकिन कश्मीर का इतिहास ऐसा रहा है कि पुलिस या सुरक्षाबलों की तैनाती के बिना हम बंदिशों को अमल में नहीं ला सकते।
बेंगलुरु के पुलिस चीफ भास्कर राव ने कहा कि लोग बेवजह या बहुत जरूरी न होेने पर बाहर न निकलें और घर में ही रहें। अगर वे बेवजह या गैर-जरूरी होने पर बाहर निकले तो आईपीसी की धारा 269 और 270 (जानलेवा बीमारी का इन्फेक्शन फैलाने वाली लापरवाही) और महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।